HRTC चालक-परिचालकों ने चंबा सेक्शन ऑफिसर के खिलाफ खोला मोर्चा, चक्का जाम की चेतावनी
शिमला: हिमाचल प्रदेश रोडवेज बस परिवहन निगम (HRTC) के चालक-परिचालक यूनियन ने चंबा के सेक्शन ऑफिसर और निगम प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूनियन ने सेक्शन ऑफिसर पर वित्तीय अनियमितताओं और कर्मचारियों को परेशान करने के आरोप लगाए हैं। मंगलवार को शिमला में चालक-परिचालकों ने प्रदर्शन कर अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
HRTC चालक यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि चंबा के सेक्शन ऑफिसर लगातार वित्तीय अनियमितताएं कर रहे हैं और इन मामलों का ठीकरा परिचालकों पर फोड़ा जा रहा है। यूनियन का कहना है कि प्रबंधन को मामले की जानकारी देने और शिकायत किए जाने के बावजूद अधिकारी के खिलाफ अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
24 घंटे में कार्रवाई की मांग
यूनियन ने प्रबंधन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उसका कहना है कि अगर तय समय में सेक्शन ऑफिसर के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो पहले चंबा में बसों का संचालन रोका जाएगा और इसके बाद प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक यूनियन ने 8 अक्टूबर से चंबा में और 9 अक्टूबर से पूरे हिमाचल प्रदेश में चक्का जाम की चेतावनी दी है।
यूनियन नेताओं का आरोप है कि सेक्शन ऑफिसर की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी शिकायतें की जा चुकी हैं और मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई थी। कर्मचारियों का कहना है कि शिकायतों और जांच के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से उनमें नाराजगी बढ़ रही है।
तीन महीने से GPF जमा नहीं होने का आरोप
चालक-परिचालक यूनियन ने कर्मचारियों के GPF को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। यूनियन का आरोप है कि पिछले तीन महीने से कर्मचारियों के वेतन से GPF की राशि काटी जा रही है, लेकिन यह राशि उनके GPF खातों में जमा नहीं हो रही है। कर्मचारियों ने लंबित GPF राशि जल्द से जल्द खातों में जमा करने की मांग की है।
यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर GPF की लंबित राशि जमा नहीं की गई और उनकी अन्य मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इसके साथ ही कर्मचारियों ने लंबित ओवरटाइम समेत सेवा संबंधी अन्य मांगों के समाधान की भी मांग उठाई है।
प्रबंधन से कार्रवाई की मांग
यूनियन का कहना है कि चालक-परिचालक अपनी ड्यूटी पूरी जिम्मेदारी से कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों की कथित मनमानी का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने प्रबंधन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
वहीं, HRTC प्रबंधन की ओर से पहले मामले की जांच के लिए समिति गठित किए जाने की जानकारी सामने आई थी। समिति को कर्मचारियों और संबंधित अधिकारी के पक्ष सुनकर आरोपों की जांच करनी थी। आरोप सही पाए जाने पर सक्षम स्तर पर कार्रवाई की बात कही गई थी।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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