CM Fadnavis का बड़ा फैसला! खुले तेल की बिक्री पर FDA की कार्रवाई 1 साल के लिए रोकी
मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुले खाद्य तेल की बिक्री को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने खुले और बिना पैक वाले खाद्य तेल की बिक्री पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की कार्रवाई को एक साल के लिए रोकने का निर्णय लिया है। यह फैसला व्यापारियों और पारंपरिक तेल कारोबारियों की चिंताओं को देखते हुए लिया गया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को व्यापारियों, खुले खाद्य तेल विक्रेताओं, उत्पादकों और री-पैकेजिंग कारोबार से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में खुले तेल की बिक्री पर FDA की हालिया कार्रवाई और इसके कारण कारोबारियों के सामने पैदा हुई परेशानियों पर चर्चा हुई।
एक साल तक नहीं होगी कार्रवाई
सरकार के फैसले के मुताबिक खुले खाद्य तेल की बिक्री को लेकर FDA की प्रवर्तन कार्रवाई एक साल तक निलंबित रहेगी। इस अवधि को कारोबारियों के लिए संक्रमण अवधि के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि वे मौजूदा खाद्य सुरक्षा नियमों के मुताबिक अपने कारोबार में जरूरी बदलाव कर सकें।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि एक साल की इस अवधि के बाद नियमों के पालन को लेकर आगे कार्रवाई की जाएगी और इसके बाद अतिरिक्त विस्तार नहीं दिया जाएगा। यानी व्यापारियों को इस दौरान नए नियमों के मुताबिक अपने कारोबार को तैयार करना होगा।
FDA ने क्यों लगाया था प्रतिबंध?
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य खाद्य तेल में मिलावट और दूषित होने के जोखिम को कम करना तथा उपभोक्ताओं की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना था। FDA के आदेश के तहत खाद्य तेल और वसा उत्पादों को सीलबंद, छेड़छाड़-रोधी और उचित लेबल वाले फूड-ग्रेड पैकेज में बेचने पर जोर दिया गया था।
यह नियम खाद्य सुरक्षा से जुड़े उस कानूनी ढांचे से जुड़ा है, जिसे 2011 में लागू किया गया था। सरकार का कहना है कि खाद्य गुणवत्ता और उपभोक्ता सुरक्षा महत्वपूर्ण हैं, लेकिन नियमों को लागू करते समय छोटे कारोबारियों और आम उपभोक्ताओं की व्यावहारिक परेशानियों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
छोटे कारोबारियों और ग्राहकों को राहत
खुले तेल की बिक्री पर तत्काल सख्ती से पारंपरिक दुकानदारों और छोटे कारोबारियों पर असर पड़ने की आशंका जताई गई थी। कई छोटे व्यापारी लंबे समय से कम मात्रा में खाद्य तेल बेचते हैं और उनके ग्राहक भी अपनी जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में तेल खरीदते हैं।
CM फडणवीस ने कहा कि सरकार को खाद्य सुरक्षा और कारोबारियों तथा उपभोक्ताओं की जरूरतों के बीच संतुलन बनाना होगा। इसी वजह से तत्काल प्रतिबंध लागू करने के बजाय व्यापारियों को एक साल का समय देने का फैसला किया गया है।
FDA और व्यापारियों की संयुक्त समिति बनेगी
सरकार ने इस मामले में FDA अधिकारियों और खाद्य तेल कारोबारियों के प्रतिनिधियों की संयुक्त समितियां बनाने का फैसला भी किया है। ये समितियां खुले तेल की बिक्री से जुड़े नियमों, कारोबारियों की समस्याओं और जरूरी बुनियादी सुविधाओं का अध्ययन करेंगी।
समितियां सरकार को अपनी रिपोर्ट और सुझाव देंगी, जिसके आधार पर आगे की व्यवस्था तैयार की जाएगी। सरकार का उद्देश्य ऐसा नियम तैयार करना है जिससे खाद्य तेल की गुणवत्ता और उपभोक्ता सुरक्षा से समझौता किए बिना पारंपरिक कारोबारियों के लिए भी व्यावहारिक व्यवस्था बनाई जा सके।
कारोबारियों को मिल सकती है मदद
सरकार ने संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर कारोबारियों को नए नियमों के अनुरूप कारोबार में बदलाव करने के लिए सहायता, सुविधाएं, अनुदान या सब्सिडी उपलब्ध कराने पर भी विचार किया जा सकता है। इसका मकसद छोटे और पारंपरिक कारोबारियों को अचानक आर्थिक दबाव में आने से बचाना है।
एक साल की संक्रमण अवधि के दौरान कारोबारियों को पैकेजिंग, लेबलिंग और अन्य जरूरी खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप अपने कारोबार को तैयार करने का अवसर मिलेगा।
खाद्य सुरक्षा बनाम कारोबार, संतुलन पर जोर
खुले खाद्य तेल को लेकर सरकार के सामने दो प्रमुख चुनौतियां हैं। एक तरफ मिलावट और खाद्य सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को रोकना जरूरी है, वहीं दूसरी तरफ ऐसे छोटे कारोबारियों और ग्राहकों की समस्याओं को भी देखना है जो लंबे समय से खुले तेल के कारोबार और खरीद पर निर्भर हैं।
CM फडणवीस के फैसले से फिलहाल व्यापारियों को राहत मिली है, लेकिन सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह स्थायी छूट नहीं है। एक साल की अवधि के बाद कारोबारियों को लागू नियमों के मुताबिक काम करना होगा।
अब आगे क्या होगा?
सरकार द्वारा गठित समितियां खुले तेल की बिक्री से जुड़े नियमों और कारोबारियों की समस्याओं का अध्ययन करेंगी। FDA को भी आगे के लिए ऐसी व्यवस्था और मानक तैयार करने को कहा गया है, जिससे मिलावट पर रोक और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस फैसले के बाद महाराष्ट्र में खुले खाद्य तेल की बिक्री को लेकर तत्काल कार्रवाई से व्यापारियों को राहत मिली है। हालांकि, एक साल बाद लागू होने वाली व्यवस्था कैसी होगी, यह समितियों की रिपोर्ट और सरकार द्वारा तैयार किए जाने वाले नए दिशानिर्देशों पर निर्भर करेगा।
रिपोर्टर; जैस्मिन कौर, मुख्य संवाददता दिल्ली

