पहले कुंडली और विवाद की जानकारी जुटाते, फिर डराकर वसूली का दबाव; बिजनौर में कथित गिरोह का खुलासा
बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पुलिस ने लोगों को कथित तौर पर मुकदमों में फंसाने का डर दिखाकर पैसे मांगने वाले एक गिरोह का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह पहले ऐसे लोगों की निजी जानकारी जुटाता था, जिनकी किसी से पुरानी रंजिश, पारिवारिक विवाद या आपसी तनातनी चल रही हो। इसके बाद इन्हीं विवादों को आधार बनाकर संबंधित लोगों पर दबाव बनाया जाता था।
पुलिस का आरोप है कि लोगों को उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होने या किसी गंभीर मामले में फंसाए जाने का डर दिखाया जाता था। इसके बाद समझौता कराने या मुकदमा वापस कराने के नाम पर रकम की मांग की जाती थी। मांग पूरी नहीं होने पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बनाने की बात सामने आई है।
शिकायत के बाद सामने आया मामला
पुलिस के अनुसार, मामला उस समय सामने आया जब उमर कॉलोनी निवासी मोहम्मद अहसान ने 6 सितंबर 2026 को थाना कोतवाली शहर में शिकायत दी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे थे और मामले को खत्म करने के बदले पैसे की मांग कर रहे थे।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। इसके बाद थाना कोतवाली शहर पुलिस और स्वाट/सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 7 सितंबर को पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
जुल्फेकार को बताया गया कथित गिरोह का संचालक
पुलिस की अब तक की जांच में जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा को कथित गिरोह का संचालक बताया गया है। पुलिस के मुताबिक उसके साथ अफजाल, गुड्डी, कुन्ती और प्रीति समेत कुछ अन्य लोग भी जुड़े होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस का कहना है कि गिरोह के लोग पहले ऐसे व्यक्तियों के बारे में जानकारी हासिल करते थे, जिनका किसी व्यक्ति या परिवार से विवाद चल रहा हो। पुरानी रंजिश, पारिवारिक तनाव और आपसी विवाद जैसी जानकारियों को जुटाने के बाद कथित तौर पर उसी आधार पर संबंधित व्यक्ति को डराने और दबाव में लेने की कोशिश की जाती थी।
समझौते के नाम पर पैसे मांगने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, कथित गिरोह की कार्यप्रणाली में पहले व्यक्ति को उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होने या किसी मामले में फंसने का भय दिखाना शामिल था। इसके बाद मुकदमा वापस कराने या विवाद खत्म कराने के नाम पर पैसे मांगे जाने का आरोप है।
पुलिस का दावा है कि अगर व्यक्ति उनकी मांग मान लेता था तो मामला समझौते तक सीमित रहने की कोशिश की जाती थी। वहीं, रकम देने से इनकार करने पर कथित तौर पर दबाव बढ़ाया जाता था।
मांग नहीं मानी तो गंभीर धाराओं में फंसाने का आरोप
जांच में पुलिस ने यह भी दावा किया है कि मांग पूरी नहीं होने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ गंभीर प्रकृति के मुकदमे दर्ज कराने की कोशिश की जाती थी। पुलिस के अनुसार, इस काम में गिरोह से जुड़ी महिलाओं और अन्य सहयोगियों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान अलग-अलग थानों और जिलों में दर्ज मुकदमों के साथ-साथ अदालतों में दाखिल परिवादों की जानकारी भी सामने आई है। इनमें बलात्कार, सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट जैसी गंभीर धाराओं से जुड़े मामले शामिल होने की बात पुलिस ने कही है।
हालांकि, पुलिस ने साफ किया है कि इन सभी मामलों में लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं, इसका फैसला संबंधित मामलों की विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
कई जिलों में दर्ज मामलों की भी जांच
पुलिस के मुताबिक, बिजनौर के अलावा दूसरे जिलों में भी आरोपियों और उनके कथित सहयोगियों से जुड़े मुकदमों और न्यायालयी परिवादों की जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच का एक अहम पहलू यह पता लगाना है कि अलग-अलग मामलों के बीच कोई आपसी संबंध है या नहीं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या विभिन्न लोगों के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमों में एक जैसी कार्यप्रणाली अपनाई गई थी।
फिलहाल पुलिस ने सभी मामलों को एक ही साजिश का हिस्सा मानकर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है और जांच जारी है।
महिलाओं के जरिए शिकायत कराने का भी आरोप
पुलिस की विवेचना में कथित तौर पर यह बात भी सामने आई है कि गंभीर धाराओं वाले मामलों में शिकायत दर्ज कराने के लिए गिरोह से जुड़ी महिलाओं और अन्य सहयोगियों की मदद ली जाती थी।
आरोप है कि पहले किसी व्यक्ति पर दबाव बनाया जाता था और बात नहीं बनने पर उसके खिलाफ गंभीर आरोपों से संबंधित मुकदमा या अदालत में परिवाद दाखिल कराने की कोशिश की जाती थी। पुलिस अब ऐसे मामलों की परिस्थितियों और गिरफ्तार आरोपियों के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा पुत्र अय्यूब, निवासी चांदपुर की चुंगी, जन्नत कॉलोनी, थाना कोतवाली शहर, बिजनौर।
- अफजाल पुत्र कफील, निवासी भागूवाला, थाना मंडावली, बिजनौर।
- गुड्डी पत्नी मूलचन्द्र, निवासी लड़ापुरा, थाना कोतवाली नगर, बिजनौर।
- कुन्ती पत्नी ओमप्रकाश, निवासी मोहल्ला कस्सावान बी-2, थाना कोतवाली नगर, बिजनौर।
- प्रीति पुत्री वीरेंद्र, पत्नी अंकित, निवासी कोतवाली नगर, बिजनौर।
अभी जारी है पुलिस की जांच
पांच गिरफ्तारियों के बाद भी पुलिस की जांच पूरी नहीं हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ के अलावा दस्तावेजों, शिकायतों, मुकदमों और अदालत में दाखिल परिवादों की जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित गिरोह में कुल कितने लोग शामिल थे, कौन व्यक्ति किस भूमिका में था और लोगों की निजी जानकारी किस तरह जुटाई जाती थी। साथ ही, कथित तौर पर पैसे मांगने के बाद मुकदमे दर्ज कराने की प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
बिजनौर पुलिस का कहना है कि विवेचना अभी जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्टर; जैस्मिन कौर, मुख्य संवाददता दिल्ली
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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